Tuesday, April 14, 2015

Olx is great

पंडित जी से गृहिणी ने घर की खुशहाली का उपाय पूछने पर::

पंडित जी- पहली बनी रोटी गाय को और आखरी कुत्ते को खिलाओ!!

गृहणी- पहली मैं और आखरी तो ये'' ही खाते हैं,
और कोई उपाय????
😂😂😂😂😂
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Olx  का मालिक आत्महत्या करने वाला है
क्योंकि एक मारवाड़ी ने अपना 2014 का केलेंडर बेचने के लिए Olx पे डाल दिया

साला बोलता है यहाँ सबकुछ बिकता है ।
ले अब बैच के दिखा ?😤
😂😂😂😂😂😂😂

Pintu chintu

पिंटू: पापा में आपको कुछ बताना चाहता हूँ
पापा: हां बोल
पिंटू: वादा करो आप गुस्सा नही करोगे
पापा: बोल जल्दी नही तो पिटेगा अभी
पिंटू: मेरे फेसबुक पे 10 फेक अकाऊंट हैं
पापा: हरामखोर मुझे क्यों बता रहा है?
पिंटू: वो जो सरिता भाभी को आप 10 दिन से पार्क मे बुला रहे हो और वो आ नही रही वो मैं ही हूँ।
😛😝😜😂

Monday, April 13, 2015

Strugle

आजकल के बच्चो को क्या पता कि struggle क्या होता है...
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हमने वो समय भी देखा है
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जब मोबाइल मे "S" टाइप करना हो तो "7" के बटन को 4 बार दबाना पड़ता था ।।
😂😂😆😆😆😆😆

Gf and boyfriend

Joke of the day

बहुत तेज बारिश हो रही थी। एक बुढिया दिल्ली से
चण्डीगढ जाने वाली बस में चढी!
ड्राईवर से कहा कि पानीपत आ जाए तो बता देना।
बस चलती रही, पानीपत निकल गया पर ड्राईवर
बुढिया को बताना भूल गया और बस अम्बाला पहुँच
गयी।
बुढिया ने पूछा ये कौन सी जगह है
तो ड्राईवर बोला, ताई पानीपत तो बहुत पीछे रह
गया।
बुढिया रोने लगी और कहने लगी कि मुझे पानीपत ले
चलो।
काफी ना नुकर के बाद और बुढिया की हालत देखते हुए
जब सभी यात्रियों ने भी कंडक्टर
को वापस पानीपत चलने को कहा तो ड्राईवर वापस
चल दिया।
पानीपत पहुँचने पर जब बस रुकी तो कंडक्टर बोला,
ताई पानीपत आ गया, उतर।
बुढिया बोली, उतरना किसको है?
कंडक्टर बोला तो बस वापस क्यों कराई?
बुढ़िया बोली मुझे तो डाक्टर ने
बोला था कि पानीपत पहुँचकर दवाई खा लेना।😜😜😃😃😜😀

Missunderstanding

ग्राहक- सेठ जी लाल मिर्च देना!
सेठ नौकर से - हरी मिर्च देना रे!
ग्रहाक- पर मुझे तो लाल मिर्च लेनी हैं.
सेठ फिर नौकर से- हरी मिर्च देना रे!
ग्रहाक- लेकिन मुझे लाल मिर्च चाहिये.
सेठ ग्रहाक को गुस्से से- अरे रुक जा यार!.
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हरी मेरे नौकर का नाम है..
“Teacher -Translate the sentence into English..

‘वसंत ने मुझे मुक्का मारा'

Santa- 'वसन्तपंचमी'..!"😂

All indians

हरप्रीत सिंह इंग्लैंड में रहता था। उसके साथ उसकी माँ और बाबूजी भी रहा करते थे। एक बार उसकी माँ चल बसी तो उसने माँ का पार्थिव शरीर बक्से में पैक करवा कर अपने गाँव भेजा। गाँव में उसके भाई मनप्रीत सिंह ने बक्सा खोला तो देखा कि बक्से में माँ की लाश तो थी, लेकिन एक इंच जगह भी खाली नहीं थी। माँ के हाथ छाती पर थे और अंगुलियों में एक चिट्ठी फँसी थी। मनप्रीत ने ऊँची आवाज़ में वह चिट्ठी पढ़नी शुरू की।

"प्यारे भाई मनप्रीत, जसप्रीत, सुखविंदर और परमिंदर, माफ़ करना मैं ख़ुद नहीं आ सका क्योंकि मेरी तनख़्वाह काट दी जाती। मैं माँ को बक्से में इसलिए भेज रहा हूँ, क्योंकि वह चाहती थी कि उसका क्रियाकर्म गाँव में ही हो। लाश के नीचे इंपोर्टेड चॉकलेट के कई पैकेट रखे हैं, इसे बच्चों में बाँट देना। यहाँ अखरोट अच्छे मिलते हैं इसलिए तुम्हें बक्से में अखरोट के भी दो बड़े पैकेट मिलेंगे। माँ के पैरों में तुम्हें दो जोड़े सैंडल के और एक जोड़ा रीबॉक जूतों का बंधा मिलेगा। सैंडल संतो मौसी और राजवंत कौर के लिए हैं, और जूते मोहिंदर के लिए हैं। शायद साइज़ ठीक ही होगा। माँ ने चार जींस पहनी हुई हैं, एक तुम्हारे लिए, एक जसप्रीत और बाक़ी दोनों सुखविंदर और परमिंदर के लिए है। माँ के एक हाथ में स्विस घड़ी होगी, जिसे प्रीतो भाभी ने मंगाया था। जीतो ने जो नेकलेस मंगाया था वह माँ के गले में है, पम्मी ने जो कान की बालियाँ मंगाई थीं वह माँ के कानों में हैं। उन्हें ये सारी चीज़ें निकाल कर दे देना। माँ कै पैरो में छः जोड़ी मोज़े हैं, उन्हें मेरे भतीजों के बीच बाँट देना। माँ ने छः टी-शर्ट भी पहन रखे हैं, उन्हें मेरे सालों को दे देना। अगर किसी और चीज़ की ज़रूरत हो तो मुझे बता देना, आजकल बाबूजी की तबीयत भी ज़रा ठीक नहीं रहती"।
😜😭😭😀😀😜😜

दवाई समय पर न लेने और कोर्स बीच में छोड़ने से पैदा हो सकती हैं ये समस्याएं

तस्वीरों का इस्तेमाल प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है

लाइफस्टाइल डेस्कः एक अध्ययन के मुताबिक करीब दो-तिहाई मरीज़ खुद ही दवा लेना बंद कर इलाज बीच में छोड़ देते हैं। यह लापरवाही साधारण-सी परेशानी को गंभीर रोग की शक्ल दे सकती है।
हममें से अधिकांश लोग समस्या के गंभीर रहने तक ही दवाओं की खुराक और वक्त को लेकर गंभीर नज़र आते हैं। परेशानी कम हुई नहीं कि दवा लेने के प्रति लापरवाह हो जाते हैं। वहीं कुछ लोगों का यह भी मानना है कि ज़्यादा एंटीबायोटिक्स शरीर को नुकसान पहुंचाती हैं, इसलिए डॉक्टर पांच दिन की दवा लिखे, तो तीन दिन की ही खाओ, जबकि दवाओं (ख़ासकर एंटीबायोटिक्स) की अधूरी खुराक आपकी मुसीबतें बढ़ा सकती हैं। गौर कीजिए यह गलती कितनी भारी पड़ सकती है।
वजह रहेगी बरकरार
मरीज़ को दी जाने वाली दवाओं की खुराक मर्ज़ और उसकी गंभीरता पर निर्भर करती है। यदि दवा की खुराक बीच में ही छोड़ दी जाए, तो रोग जड़ से नहीं मिटेगा। स्वाभाविक है कि इस स्थिति में मर्ज़ वापस लौटेगा। उदाहरण के लिए किसी को वायरल है, तो एंटीबायोटिक्स के असर के कारण वायरस मरेंगे और संक्रमण कम होगा। ऐसे में दवाओं की खुराक अधूरी छोड़ दी, तो बच गए वायरस अपनी संख्या बढ़ाकर दोबारा धावा बोलेंगे। वहीं कमज़ोर हो चुका शरीर उनका सामना करने के लिए पूरी तरह से तैयार नहीं होगा, तो परेशानी और बढ़ेगी।
दवाई समय पर न लेने और कोर्स बीच में छोड़ने से पैदा हो सकती हैं ये समस्याएं
दुष्प्रभाव का गणित
आम धारणा है कि एंटीबायोटिक दवाएं लेने से किडनी, लीवर, हृदय आदि को नुकसान पहुंच सकता है। साथ ही इन दवाओं के कारण बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास प्रभावित होता है, जबकि पूरा सच यह है कि एंटीबायोटिक्स के दुष्प्रभावों का सामना तब करना पड़ता है, जब उनका सेवन आवश्यकता से अधिक मात्रा में किया जाए। डॉक्टर मरीज़ की ज़रूरत के आधार पर एंटीबायोटिक्स की खुराक निर्धारित करते हैं, इसलिए उनके द्वारा सुझाई गई दवाओं की पूरी खुराक लेने पर नुकसान नहीं पहुंचेगा।
उल्टी पड़ सकती है बात
पहली बार कोई रोग सताए, तो कम पावर की एंटीबायोटिक दवाओं से फायदा मिल जाता है। लेकिन उसी मर्ज़ के लौटने या दोबारा होने की स्थिति में मरीज़ पर पहले दी गई दवाओं से ज़्यादा पावर (क्षमता) वाली एंटीबायोटिक ही असर दिखाती है। यानी अगर आप कम एंटीबायोटिक लेने के चक्कर में दवाओं का कोर्स पूरा नहीं करते हैं, तो आपको पहले से ज़्यादा और अधिक पावर वाली दवाएं लेनी पड़ सकती हैं।

टीवी एक्ट्रेस ने खोला कॉस्टिंग काउच का सच, कहा-बिचौलिए उठाते हैं फायदा

पटियाला पहुंची जय जय जय बजरंग बली सीरियल की एक्ट्रेस हरमनप्रीत कौर।

पटियाला। पटियाला पहुुंची जय जय जय बजरंग बली सीरियल की पार्वती और शाही शहर की हरमनप्रीत कौर भाटिया ने बताया कि बॉलीवुड में काॅस्टिंग काउच का सच है। इससे इनकार भी नहीं किया जा सकता। इससे बचने का बेहतर तरीका यही है कि आप स्ट्रिक्टली मना कर दें। इसमें हायर लेवल के डायरेक्टर या एक्टर शामिल नहीं होते। केवल बिचौलिए ही आपको बहका सकते हैं। वह तलाशते हैं कि इंडस्ट्री में किसके गॉडफादर नहीं है। जो लोग इसमें शामिल होते हैं, वह इंडस्ट्री में लंबी पारी नहीं खेल पाते।
पटियाला में किए थिएटर का एक्सपीरियंस आया काम
मैंने अपनी प्रोफाइल इंडस्ट्री के लोगों को मेल की थी। वहां से एक दिन कॉल आई और ऑडिशन के लिए बुलाया। काफी लोग ऑडिशन के लिए पहुंचे थे। मैंने सोच रखा था कि मेरा काम बनेगा ही। और हुआ भी यही। इस समय पल्टन और जय जय जय बजरंग बली सीरियल कर रही हूं। सीरियल में मेरे लिए जो चीज काम आई, वह पटियाला में थिएटर में किया गया काम। आगे बात चल रही है, जल्द ही कुछ सीरियल और फिल्मों में नजर आऊंगी।
आर्ट और कमर्शियल सिनेमा का गैप कम हो रहा
आर्ट और कमर्शियल सिनेमा का गैप इंडस्ट्री में बना रहेगा। अब लोग अच्छा काम कर रहे हैं। कई नए डायरेक्टर नई सोच के साथ आर्ट और कमर्शियल हो जोड़ने का काम कर रहे हैं। इस गैप की कीमत कई लोगों को चुकानी पड़ी है। यहां पर स्ट्रगल होता है। पर काम की सराहना होती है। काम को लोग देखे और उसकी सराहना करें, यह किसी भी कलाकार के लिए जरूरी होता है।
माया नगरी में मिस करती हूं शाही शहर के परांठे
शाही शहर से मायानगरी के बीच मैंने घर के खाने को बहुत मिस किया। बड़ा पाव का अपना टेस्ट होता है, लेकिन परांठे वहां नजर नहीं आते। डेढ़ साल बाद जब पटियाला पहुुंची तो सोचा कि रेस्ट करूंगी, पर यहां ऐसा लगा कि मुंबई से ज्यादा काम है। हरमनप्रीत कौर भाटिया ने बताया कि मुंबई में मेरा दूसरा दिन था। एक दिन लोकल बस में चढ़ी। कंडक्टर की मराठी मेरे समझ में नहीं आई। उससे कहती रही कि मुझे पुणे ���हीं जाना है। पांच मिनट की बहस के बाद उसने कहा कि आगे बढ़ो। मैंने उससे कहा, पहले हिंदी में इतना कह देते तो इतना टाइम वेस्ट नहीं होता। कलाकार के लिए जरूरी होता है कि उसकी मूवी पर सभी की नजर रहे। जरूरी नहीं कि मूवी सभी जगह रिलीज हो। कहा, ब्लैक होम के केस में ऐसा ही हुआ। इतना जरूर है कि ब्लैक होम को मुंबई में एक दिन में तीन शो मिले। आशुतोष राणा के साथ भले ही स्क्रीन शेयर करने का मौका न मिला हो, पर सीखने को जरूर मिला।
हरमनप्रीत कौर भाटिया।हरमनप्रीत कौर भाटिया।जय जय जय बजरंग बली सीरियल में पार्वती के राेल में हरमनप्रीत कौर।

PHOTOS: ऐसी है RCB के बल्लेबाज क्रिस गेल की लाइफस्टाइल

(क्रिकेटर क्रिस गेल की बिंदास लाइफस्टाइल)

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की इन दिनों चारों और धूम है। हाल ही में हुए एक मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ( RCB) ने मौजूदा चैम्पियन कोलकाता नाइटराइडर्स को तीन विकेट से हराकर आईपीएल-8 में अपने अभियान का जोरदार आगाज किया। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के विस्फोटक बल्लेबाज क्रिस गेल ने 56 गेदों पर 96 रन की तूफानी पारी खेली। वे एक हार्ड हिटिंग बेस्टमैन हैं।
गेल जब भी क्रिकेट के मैदान पर होते हैं तो खेलने का उनका तूफानी अंदाज सामने वाली टीम पर भारी पड़ता हैं। क्रिस, जिस तरह से बल्लेबाजी करते हैं, उससे देखने वालों में भी रोमांच पैदा होता है। क्रिकेट में उनके तूफानी अंदाज की तरह ही उनकी लाइफस्टाइल भी किसी रोमांच से कम नहीं है।
बिंदास है लाइफस्टाइल

क्रिकेटर क्रिस गेल की लाइफस्टाइल रोमांच से भरपूर है। उनका इंस्टाग्राम अकाउंट बताता है कि गेल काफी रोमांटिक हैं। वे बिंदास लाइफस्टाइल जीना पसंद करते हैं। रोमांस, एडवेंचर, डांस, म्यूजिक, मस्ती उनके जीवन का हिस्सा है। वे एन्जॉयमेंट 
के साथ जीना पसंद करते हैं।