Monday, December 29, 2014

2014: एक्ट्रेसेस के ग्लैमरस फोटोशूट

2014 में कई बॉलीवुड सेलिब्रिटीज ने ग्लैमरस, हॉट और बोल्ड फोटोशूट करवाए, जिन्हें खासा पसंद भी किया गया। बॉलीवुड सेलेब्स ने मैगजीन्स, ब्रांड्स और अन्य एंडोर्समेंट्स के लिए ये फोटोशूट करवाएं हैं। कंगना रनोट, प्रियंका चोपड़ा, लिसा हेडन, ट्विंकल खन्ना, अनुष्का शर्मा, दीपिका पादुकोण सहित कई एक्ट्रेसेस ने वर्ष 2014 में कई बेहतरीन और बोल्ड फोटोशूट करवाकर सभी को चौंकाया भी है। देखें सेलिब्रिटीज के कुछ खास फोटोशूट।2014: एक्ट्रेसेस के ग्लैमरस फोटोशूट
2014: एक्ट्रेसेस के ग्लैमरस फोटोशूट2014: एक्ट्रेसेस के ग्लैमरस फोटोशूट2014: एक्ट्रेसेस के ग्लैमरस फोटोशूट2014: एक्ट्रेसेस के ग्लैमरस फोटोशूट2014: एक्ट्रेसेस के ग्लैमरस फोटोशूट2014: एक्ट्रेसेस के ग्लैमरस फोटोशूट

ग्लैमरस ट्विंकल

बॉलीवुड की ग्लैमरस एक्ट्रेस ट्विंकल खन्ना का जन्म 29 दिसंबर, 1974 को हुआ था। उन्होंने बॉलीवुड के साथ ही तेलुगु फिल्मों में काम किया है। अपने फिल्मी सफर की शुरुआत उन्होंने फिल्म 'बरसात' के की। इसके बाद उन्होंने सलमान खान के साथ फिल्म 'जब प्यार किसी से होता है' में अभिनय किया। उन्होंने 'बादशाह', 'मेला', 'जान', 'दिल तेरा दीवाना', 'इंटरनेशनल खिलाड़ी', 'जुल्मी', 'ये है मुंबई मेरी जान', 'चल मेरे भाई', 'जोरू का गुलाम', 'जोड़ी नंबर वन' सहित अन्य फिल्मों में अभिनय किया। 2001 में उन्होंने फिल्मी दुनिया से दूरी बना ली और इंटीरियर डिजाइनिंग का बिजनेस शुरू किया। 2001 में ही उन्होंने बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार से शादी की। उनके दो बच्चे हैं आरव कुमार और नितारा कुमार। देखें तस्वीरें।ग्लैमरस ट्विंकल
ग्लैमरस ट्विंकल ग्लैमरस ट्विंकल ग्लैमरस ट्विंकल ग्लैमरस ट्विंकल

500 रु. से कम कीमत वाले ये गैजेट्स बन सकते हैं अच्छे NEW YEAR गिफ्ट

गैजेट डेस्क। नया साल आने में अब कुछ ही दिन बाकी रह गए हैं। नए साल पर अगर आप अपने किसी टेक फ्रेंड्ली दोस्त के लिए कोई गिफ्ट लेना चाहते हैं, या अपने लिए शॉपिंग करना चाहते हैं तो मार्केट में 500 रुपए से कम कीमत वाले बेस्ट यूटिलिटी गैजेट्स उपलब्ध हैं। Phonedairy आपको बताने जा रहा है कम कीमत वाले कुछ गैजेट्स के बारे में जो अच्छे न्यू इयर गिफ्ट बन सकते हैं। 
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Quantum 25MP Webcam 6 light & MIC Night Vision 25 MP 

कीमत- 297 रुपए

25 मेगापिक्सल पावर (2560*1920 पिक्सल का रेजोल्यूशन) वाले इस डिवाइस में 6 LED लाइट लगी हुई हैं जो यूजर्स को कम रौशनी में भी अच्छी पिक्चर क्वालिटी देती हैं। वीडियो चैटिंग के लिए ये वेबकैम एक अच्छा डिवाइस साबित हो सकता है। इस वेबकैम में 10X डिजिटल जूम फीचर और बिल्ट इन माइक्रोफोन है। इसी के साथ, इस वेबकैम की ब्राइटनेस, शार्पनेस और कलर मैनुअली सेट किए जा सकते हैं। 
Envent In-ear 3.0 Bluetooth Headset
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Envent In-ear 3.0 Bluetooth Headset

कीमत- 399 रुपए

इस ब्लूटूथ हैडसेट की रेंज 10 मिटर की है। कंपनी के मुताबिक ये हैडफोन लगभग सभी स्मार्टफोन्स के साथ कम्पैटिबल है इसमें आईफोन भी शामिल है। इसका इस्तेमाल करने के लिए डिवाइस में ब्लूटूथ 3.0 या उससे उपर का वर्जन होना जरूरी है। कंपनी के मुताबिक इसका टॉकटाइम 3 घंटों का है और इस हैडसेट का चार्जिंग टाइम 2 घंटों का है। कंपनी के मुताबिक इस हैडसेट का स्टैंडबाय टाइम 100 घंटों का है। इस हैडसेट में सिंगल मल्टी फंक्शनल बटन दी गई है।
INTEX PC Webcam Night Vision 601k (IT-306WC)
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INTEX PC Webcam Night Vision 601k (IT-306WC)

कीमत- 499 रुपए

इंटेक्स का ये वेबकैमरा 8 मेगापिक्सल पावर के साथ आता है। इस वेबकैम को यूएसबी 2.0 कनेक्टिविटी के साथ आने वाले किसी भी डिवाइस के साथ जोड़ा जा सकता है। ये नाइट विजन कैमरा वीडियो रिकॉर्डिंग, मोशन डिटेक्शन, प्लग एंड प्ले और ब्राइटनेस-शार्पनेस कंट्रोल फीचर्स के साथ आता है। कंपनी के मुताबिक इस वेबकैमरा की मदद से रात में अच्छी वीडियो क्वालिटी मिलती है। इस वेबकैम का वजन 181 ग्राम का है। 
Enter E-S220B 2.0 USB Speaker: 
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Enter E-S220B 2.0 USB Speaker:

कीमत- 450 रुपए

अगर आप अपने लिए या किसी को गिफ्ट करने के लिए ट्रैवल स्पीकर्स ढूंढ रहे हैं, तो ये काफी अच्छा ऑप्शन साबित हो सकते हैं। 6 वॉट के पावर आउटपुट वाले ये पोर्टेबल स्पीकर्स आपके बजट में फिट हो जाएंगे। ये चैनल 2 स्पीकर्स 1 साल की वारंटी के साथ आते हैं। इन्हें सीधे कम्प्यूटर, सेलफोन या लाउड स्पीकर्स से कनेक्ट किया जा सकता है।
Philips SHS390/98 Neckband Headphone 
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Philips SHS390/98 Neckband Headphone

कीमत- 369 रुपए

1.2 मीटर के केबल के साथ ये इयरफोन इयर कुशन के साथ आते हैं जो यूजर्स के लिए सुविधाजनक है। इसके अलावा, 32mm स्पीकर ड्राइवर हैं। इस हैडफोन का वजन 141 ग्राम है। ये ओवर नेक हैडफोन दिखने में काफी स्टाइलिश है। इस हैडफोन का डायमेंशन 4.2 x 13.7 x 13.7 सेंटिमीटर है। कंपनी के अनुसार ये हैडफोन अलग-अलग साउंड मोड्स में भी काम करने के लिए सक्षम है। 
 

Interesting: कार गैराज से शुरू हुई थी GOOGLE, दो छात्रों ने की थी शुरुआत

Interesting: कार गैराज से शुरू हुई थी GOOGLE, दो छात्रों ने की थी शुरुआत

ब्रांड गूगल’ की चमत्कारिक सफलता की कहानी कैलिफोर्निया की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के दो छात्रों के बीच दोस्ती के साथ शुरू हुई। शुरुआत में इन दोस्तों ने गूगल को एक कार गैराज से शुरू किया था, जो आज बहुत ही अधिक लोकप्रिय बन चुकी है।
 
इंटरनेट सर्च मशीन से शुरू कर गूगल अब ई-मेल, फोटो और वीडियो, गूगल मैप और मोबाइल फोन जैसी सेवाएं देने वाली ऑलराउंडर कंपनी बन गई है। सभी सेवाएं मुफ्त हैं। कमाई होती है व्यावसायिक कंपनियों से मिलने वाले विज्ञापनों से।
 

मुफ्त में होती है कमाई

 
हम जिन सेवाओं को मुफ़्त समझते हैं, गूगल को उन्हीं के बल पर कहीं और से कमाई होती है। अन्य कंपनियां हमारे बारे में जानकारियां गूगल से खरीदती हैं या उसे अपने विज्ञापनों के लिए पैसा देती हैं। विज्ञापन पर हर क्लिक के लिए गूगल चंद सेंट से लेकर सैकड़ों डॉलर तक वसूल करता है।
 
मान्यता- एक के पीछे 100 शून्य लगा दिए जाएं तो बनती है एक अनूठी संख्या ‘गोगोल’, जिसके बारे में कहा जाता है कि इसे एक 9 साल के बच्चे ने गढ़ा था। इसी शब्द के अपभ्रंश से बना है शब्द ‘गूगल’, जिसके बारे में कहा जाता है कि आज अगर वह न हो, तो दुनिया खाली-खाली सी लगेगी।
आपस में नहीं पटती थी दोनों की
 
सर्जि ब्रिन और लैरी पेज 22-23 साल के थे, जब 1995 में वे पहली बार मिले। उस समय दोनों के बीच बिल्कुल नहीं पटती थी। हर बात पर बहस हो जाया करती थी। दोनों के माता-पिता बेहद पढ़े-लिखे टैक्नोक्रेट्स थे।
 
मिलकर बनाई सर्च मशीन
 
लैरी और सर्जि को दोस्त बनाया एक समस्या ने, वह थी इंटरनेट जैसे सूचनाओं के महासागर में से किसी खा़स सूचना को कैसे ढूंढ़ा जाए? दोनों ने मिल कर एक सर्च-मशीन बनाई, एक ऐसा कम्प्यूटर, जो कुछ निश्चित सिद्धांतों और नियमों के अनुसार किसी सूचना भंडार में से ठीक वह जानकारी ढूंढ़कर निकाले, जो हम चाहते हैं।
स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में ही किए आरंभिक परीक्षण
 
बुनियादी सिद्धांत यह था कि हाइपर लिंक द्वारा किसी वेबसाइट की ओर जितना ही अधिक इशारा किया गया हो, उतनी ही महत्वपूर्ण वह वेबसाइट होनी चाहिए। हम जिस शब्द, सूचना या प्रश्न के उत्तर की खोज कर रहे हैं, उसकी दृष्टि से इंटरनेट में उपलब्ध उपयोगी वेबसाइटों को छान कर उन्हें एक तर्कसंगत अनुक्रम में पेश करना वह गुत्थी थी, इसे लैरी और सर्जि ने मिलकर सुलझाया। दोनों ही प्रोफेशनल दोस्तों ने अपनी स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में आरंभिक परीक्षण किए। इसके लिए 11 लाख डॉलर धन जुटाया।
कार-गैरेज में बनी गूगल इनकॉपरेरेटेड
 
दोनों ने 7 सितंबर 1998 को, गूगल इनकॉपरेरेटेड के नाम से मेनलो पार्क, कैलीफोर्निया के एक कार गैरेज में अपनी कंपनी बनाई और काम शुरू कर दिया। दो ही वषों में गूगल का नाम सबकी जुबान पर था। जर्मनी में कम्प्यूटर विज्ञान के प्रोफेसर डिर्क लेवान्दोस्की का मत है कि याहू जैसे अपने अन्य प्रतियोगियों की तुलना में गूगल शायद ही बेहतर है, लेकिन उसकी सार्वजनिक छवि कहीं अच्छी बन गई है।
 
सितंबर 2007 में गूगल ने पूरा किया अपना पहला दशक
 
यही उसकी चमत्कारिक सफलता का रहस्य है। इंटरनेट को दुनिया में आए दो दशक से ज्यादा समय हो गए हैं, जबकि गूगल ने सितंबर 2007 को अपना पहला दशक पूरा किया, तब भी दोनों एक-दूसरे के पर्याय बन गए हैं।

इस्तेमाल बढ़ने के साथ-साथ बढ़ते चले गए शेयर के दाम
 
इंटरनेट का इस्तेमाल जितना बढ़ रहा है, गूगल के शेयर भी उतने ही चढ़ रहे हैं। अगस्त 2004 में गूगल ने जब पहली बार शेयर बाजार में कदम रखा, तब उसके शेयर 85 डॉलर में बिक रहे थे। तीन वर्ष बाद, नवंबर 2007 में इसके शेयर उछलकर 747 डॉलर पर पहुंच गए थे।
 
वर्तमान में गूगल का हर शेयर करीब 533.25 डॉलर में बिक रहा है। हालांकि, गूगल के शेयर में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। 22 से ज्यादा तरह की बहु-उपयोगी सर्चिंग सेवाओं के साथ गूगल ने इस बीच संसार भर में फैली एक बहुराष्ट्रीय कंपनी का रूप ले लिया है।
 

मोबाइल से पता करें, आपका आधार कार्ड बैंक से जुड़ा है या नहीं, ये है तरीका

मोबाइल से पता करें, आपका आधार कार्ड बैंक से जुड़ा है या नहीं, ये है तरीका
नई दिल्ली. एक जनवरी से एलपीजी की सब्सिडी सीधे उपभोक्ता के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर करने के लिए आधार कार्ड को बैंक खातों से जोड़ा जा रहा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इसके तहत अब तक 10 करोड़ आधार नंबर को बैंक अकाउंट से जोड़ा जा चुका है। इसके अलावा मनरेगा, पीडीएस, स्कॉलरशिप, रेमिटेंस आदि के लिए भी आधार को बैंक अकाउंट से जोड़ना जरूरी है। आधार नंबर को बैंक अकाउंट से जोड़ने के लिए नागरिकों से उनका आधार कार्ड या आधार नंबर उस बैंक की शाखा में जमा करवाने को कहा गया है जहां उनका बैंक खाता है।
 
 

ऐसे पता करें बैंक से जुड़ा आधार या नहीं

 
यह पता करने के लिए कि आपका आधार नंबर आपके बैंक अकाउंट के साथ जुड़ गया है या नहीं, उपभोक्ता अपनेमोबाइल पर *99*99# डायल करें। इसके बाद 12 डिजिट का आधार नंबर डालें और ओके करें। आधार नंबर सही है यह पुष्टि करने के लिए 1 डायल करें। इसके बाद मोबाइल पर आधार कार्ड के बैंक से जुड़े होने की जानकारी मिल जाएगी। इस मैसेज में यह भी बताया जाएगा कि किस बैंक से किस तारीख को आधार कार्ड लिंक हुआ है। 
 

Friday, December 26, 2014

PHOTOS: ये हैं दुनिया के 10 शानदार प्लेसेस, जो देखने में लगते हैं नकली

PHOTOS: ये हैं दुनिया के 10 शानदार प्लेसेस, जो देखने में लगते हैं नकली
(फोटो अमेरिकी देश बोलिविया का है, जिसे सलार डी यूयूमी नाम से जाना जाता है।)
 
दुनिया में ऐसी कई जगहें हैं जो किसी आश्चर्य से कम नहीं हैं। पहली नजर में ऐसा लगता है मानो ये प्लेसेस नकली हों। लेकिन हकीकत कुछ और ही है। नकली दिखने वाली ये जगहें असल में दुनिया में मौजूद है। इन जगहों को देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक दूर-दूर से आते हैं। अब इस तस्वीर को ही देख लीजिए, ऐसा लग रहा है मानो इसे फोटोशॉप के जरिए बनाया गया है। लेकिन ऐसा नहीं है, ये प्लेस अमेरिकी देश बोलिविया का है, जिसे सलार डी यूयूमी के नाम से जाना जाता है। इस शानदार जगह की पहचान दुनिया के सबसे बड़े नमक के झील वाले मैदान (साल्ट फ्लैट) के रूप है। 
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कहां- अटलांटिक महासागर के पास बसे आयरलैंड के समीप

कैसा दिखता है- मधुमक्खी के छत्ते की तरह

कैसे बना- मेग्मा पत्थर के कटाव से
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कहां- मेंडेरे घाटी के निकट तुर्की में पमुक्कले थर्मल स्प्रिंग्स के पास

कैसा दिखता है- रूई के महल जैसा

कैसे बना- यहां हजारों सालों से गर्म पानी बह रहा है और इससे निकलने वाले कैल्शियम, मैग्नीशियम सल्फेट और बाइकार्बोनेट पदार्थ यहां जम गए। जिस कारण से रूई के महल जैसा दिखता 
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कहां- हेवीस्टरकूर, उत्तरी आइसलैंड 

कैसा दिखता है- ड्रैगन के जैसा

कैसे बना- प्राकृतिक रूप से इसका निर्माण हुआ। 
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कहां- फिंगल गुफा, स्टॉकलैंड

कैसे दिखता है- ज्यामिति आकार जैसा दिखता है।

कैसे बना- कई साल पहले यहां लावा फटा था। जब लावा ठंडा हुआ तो ज्यामिति आकार जैसा दिखना लगा।
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PHOTOS: ये हैं दुनिया के 10 शानदार प्लेसेस, जो देखने में लगते हैं नकली
कहां- पैनजीन, चीन

कैसा दिखता है- लाल समुद्र तट।

कैसे बना- यहां पर समुद्री शैवाल की एक प्रजाति रहती है, जिसका रंग लाल होता है। इसी वजह से समुद्र का तट लाल रंग का दिखाई देता है। 
PHOTOS: ये हैं दुनिया के 10 शानदार प्लेसेस, जो देखने में लगते हैं नकलीकहां- हा लांग खाड़ी, वियतनाम

कैसा दिखता है- खड़े पत्थर।

कैसे बना- खाड़ी में चूना के पत्थर पर कटाव के कारण ऐसी स्थिति बनी।
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कहां- एंटीलोप घाटी, संयुक्त राज्य अमेरिका

कैसा दिखता है- लाल-नारंगी रंग के पर्दे टंगे हो।

कैसा बना- कई साल पहले यहां बाढ़ आई, जिसकी वजह से बलुआ पत्थर घिस गए।
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कहां- प्लित्विक झीलों, क्रोएशिया

कैसा दिखता है- एक साथ गिरते हैं कई झरने।

कैसे बना- प्राकृतिक रूप से निर्माण हुआ। इसे यूनेस्को ने वर्ल्ड हैरीटेज साइट घोषित किया है।
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कहां- स्काफ्टाफेली, आइसलैंड

कैसा दिखता है- पानी में उठ रहे बुलबुले की तरह।

कैसे बना- ग्लैशियर की वजह से यहां बर्फ की वजह से कई दरारें पड़ गई है। जो दिखने में बुलबुले की तरह है।