आमेर थाना पुलिस ने इस मामले का खुलासा प्रेस कान्फ्रेंस कर किया। पुलिस ने बताया कि करधनी स्कीम निवासी बुजुर्ग जवाहरलाल शिवनानी के तीनों बेटे दुबई में काम करते हैं। ऐसे में जवाहरलाल अपने बड़े भाई के साथ ही यहां रहते थे। बनीपार्क के एक फ्लैट में जवाहर के बेटे विमलेश की पत्नी बेटी हर्षा और 14 साल के बेटे के साथ रह रही थीं। रविवार रात को ही उनके इस फ्लैट में तीनों और ड्राइवर नाजिर हुसैन ने मिलकर जवाहर के हाथ पांव बांधे फिर तकिए से गला दबाकर हत्या कर दी।
पिता ने ही मिलाया था प्रिया को ड्राइवर नाजिर से
पुुुलिस ने अपनी पड़ताल में पाया कि प्रिया और उसकी बेटी हर्षा के साथ नाजिर के करीब ढाई साल पहले से गहरे संबंध थे। नाजिर को प्रिया से मिलाने वाला कोई और नहीं, उसका पिता ही था। तब नाजिर फैक्ट्री में काम करता था और उसकी नौकरी छूट गई थी। इसी दौरान प्रिया के पिता ने नाजिर को प्रिया के पास ड्राइवरी के लिए भेजा। तब से ही यह प्रिया के यहां काम कर रहा था। इसी दौरान नाजिर ने प्रिया और हर्षा से संबंध बना लिए।
भोली सूरत यूं बन गई हत्यारिन
पुलिस की मानें तो जवाहरलाल को कई दिनों पहले शक हो गया था कि प्रिया और पोती हर्षा के साथ नाजिर ने संबंध बना लिए हैं। इसे लेकर वह परेशान भी था। इस बात का पता प्रिया को भी चल गया। ऐसे में बहू प्रिया ने ड्राइवर को बताया कि उसका ससुर जवाहरलाल उस पर गलत नजर रखता है। इस पर पोती हर्षा, नाबालिग पोते के साथ नाजिर और प्रिया ने गहरी साजिश रची। चारों ने जवाहरलाल को घर बुलाकर हत्या करने की योजना बनाई। प्रिया ने फोन कर ससुर को घर बुलाया। खाना खिला जमकर शराब पिला दी और सुला दिया। देर रात चारों ने जवाहर के हाथपांव बांधे और तकिए से गला दबाकर हत्या कर दी। चारों ने उसकी लाश को गाड़ी में डाला और चैनपुरा पर छोड़कर घर आकर सो गए।
तिरपाल में बांधकर फेंकी थी लाश
वृद्ध की लाश को चारों ने तिरपाल में बांध कर फेंक दिया था। शव की शिनाख्त होने के बाद पुलिस परिजनों व गार्ड तथा मौके पर मिली लाश के कारण विरोधाभासी बयानों में उलझ गई, लेकिन अब पुलिस ने इस मामले को सुलझा लिया। प्रिया, नाजिर और अपार्टमेंट के गार्ड के विरोधाभासी बयानों के चलते पुलिस को शक हुआ और पड़ताल की तो कहानी कुछ इस तरह की निकली।
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