किरकुक (इराक). खूंखार आतंकी संगठन आईएसआईएस ने 200 से ज्यादा बंधकों को रिहा कर दिया है। आतंकी चंगुल से आजाद होने के बाद महिलाओं व बुजुर्गों की आखों में आंसू छलक आए। कोई अपनों देख खुद को रोक नहीं पाया, तो किसी ने अपनों के न होने का गम था। बता दें कि आतंकियों ने पिछले साल अगस्त महीने में यजीदी समुदाय के इन लोगों को उत्तर-पश्चिम इराक के एक गांव से अगवा किया था।
एक बुजुर्ग यजीदी महिला ने बताया की पिछले साल अगस्त में आतंकियों ने कैद कर लिया था। महिला ने कहा कि सिंजार इलाके में इस्लामिक स्टेट के हाथों कुर्दिश सेना बुरी तरह हारी थी। इसमें सैकड़ों मारे गए, जबकि हजारों को आतंकी जबरन उठा ले गए थे। महिला ने कहा उसने अपने बच्चों को सामने देखने की उम्मीद खो दी थी, लेकिन रिहा किए जाने के बाद बुधवार को वह मौका आया।
गौरतलब है कि इससे पहले भी आईएसआईएस 200 से ज्यादा यजीदी बंधकों को रिहा कर चुका है। हालांकि, आतंकी ऐसे लोगों को रिहा कर रहे हैं, जो बुजुर्ग व असहाय हो चुके हैं। यजीदी कार्यकर्ता का कहना है कि आईएसआईएस के चंगुल में अभी भी कई यजीदी महिलाएं हैं, जो शोषण व यौन हमले का शिकार हो रही हैं। बता दें कि संयुक्त राष्ट्र ने मार्च महीने में
चेतावनी दी थी कि आईएसआईएस अल्पसंख्यक समुदायों का नरसंहार कर सकता है।
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