लाइफस्टाइल डेस्क: झूठ बोलना हमेशा नुकसानदायक नहीं होता और खासतौर पर जब वो किसी की खुशी के लिए बोला जाए। ऐसे में कोई शिकायत नहीं करता। कभी-कभार रिश्ते को बचाए रखने के लिए महिलाओं को पुरुषों से कुछ बातें छिपानी पड़ती हैं या झूठ बोलना पड़ता है। आज हम आपको ऐसे ही 10 झूठ बताएंगे, जो महिलाओं को पुरुषों से कहने पड़ते हैं।
1. 'मुझे तुम्हारे साथ स्पोर्ट्स देखने में कोई ऐतराज नहीं'
कई बार महिलाएं पुरुषों की खुशी के लिए ऐसा कहती हैं। दरअसल, बहुत कम महिलाओं को क्रिकेट, फुटबॉल जैसे स्पोर्ट्स पसंद आते हैं और वो भी घर में बैठकर देखने पर। लेकिन अपने साथी के चेहरे पर एक छोटी सी स्माइल के लिए वो अक्सर ऐसा झूठ बोल ही देती हैं। इससे वो पुरुषों के साथ बैठकर उनकी मानसिकता को जानने की पूरी कोशिश भी करती हैं, लेकिन ऐसा बहुत कम होता है जब वो इन स्पोर्ट्स को एन्जॉय भी कर रही हों।
2. 'मैं अभी इस रिश्ते के लिए तैयार नहीं'
जब कोई महिला किसी पुरुष के साथ जुड़ना चाहती है, तो वो उस पुरुष और उसके साथ अपने रिश्ते को समझने के लिए उतना ही वक्त भी चाहती है। लेकिन जब महिलाएं व्यस्त होने का बहाना बनाने लग जाएं, उसे लेकर कहानियां बताने लग जाएं तो समझ जाना चाहिए कि वो झूठ बोल रही हैं और इस रिश्ते के लिए अभी पूरी तरह से तैयार नहीं।
Other lies: साथ में स्पोर्ट्स देखने के लिए झूठ, रिलेशनशिप्स में स्पेस के लिए, लड़ाई के दौरान, फ्लर्ट करने के लिए झूठ, सेक्स की बातों में झूठ, बेफ्रिक के लिए झूठ बोलना, खुद को बदलने के लिए झूठ, मौज-मस्ती की छूट देने में झुठ बोलना, ऑल इज वेल का झुठ बोलना, बिल चुकाने का दिखावा।
3. 'दूसरे से फ्लर्ट करने से कोई फर्क नहीं पड़ता'
रिलेशनशिप्स को लेकर ज्यादातर महिलाओं की सोच एक जैसी होती है। महिलाओं को बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगता कि उनका पार्टनर उनके सामने या उनकी पीठ पीछे किसी और महिला के साथ फ्लर्ट करे। लेकिन वो ऐसा जताती हैं और झूठ बोलती हैं कि पुरुषों के ऐसे बर्ताव से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता।
रिलेशनशिप्स को लेकर ज्यादातर महिलाओं की सोच एक जैसी होती है। महिलाओं को बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगता कि उनका पार्टनर उनके सामने या उनकी पीठ पीछे किसी और महिला के साथ फ्लर्ट करे। लेकिन वो ऐसा जताती हैं और झूठ बोलती हैं कि पुरुषों के ऐसे बर्ताव से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता।
4. 'पागल नहीं हूं मैं'
लड़ाई-झगड़ों के दौरान औरतों की तरफ से ये लाइन ज़रूर सुनने को मिलती है। दरअसल, औरतें पुरुषों से माफी मंगवाने के लिए ही ऐसी बात कहती हैं। इसलिए कहासुनी के दौरान कुछ ना बोलें, मामला शांत होने के बाद ही अपना पक्ष रखें।
5. 'मेरा किसी से कोई संबंध नहीं'
पुरुष कभी भी महिला से उनके एक्स-अफेयर के बारे में नहीं जानना चाहते, क्योंकि महिलाएं इन सारी बातों को शेयर करने में झिझकती के साथ ही झूठ भी बोलती हैं कि उनका पहले कभी भी किसी से कोई संबंध नहीं रहा है। उनका ये झूठ बोलना वाजिब भी है, क्योंकि कुछ मामलों में रिश्तों की गोपनीयता भी ज़रूरी होती है।
6. 'कोई बात नहीं, ऐसा किसी के साथ भी हो सकता है'
आमतौर पर बोला जाने वाला झूठ। जब कभी पुरुष ऑफिस या घर की किसी बात से परेशान होते हैं, तो महिलाएं ये कहकर उन्हें सहानुभूति देती हैं कि ऐसा किसी के साथ भी हो सकता है, जबकि सही तो ये है कि ऐसा हर किसी के साथ नहीं होता। झूठ ही सही, लेकिन महिलाओं के ऐसा कहने पर थोड़ी देर के लिए ही सही पुरुषों को शांति और सुकून तो मिलता है।
7. 'थोड़ी मौज-मस्ती की छूट है'
महिलाएं कई बार पुरुषों की जरूरतों को समझते हुए ऐसा कह देती हैं, लेकिन वाकई वो ऐसा बिल्कुल नहीं चाहतीं। महिलाएं बहुत सारी भावनाओं को चेहरे पर नहीं लातीं, लेकिन इसे समझना पुरुषों के लिए बहुत बड़ा टास्क होता है। इतना ही नहीं, पुरुषों का घर देर से आना, दोस्तों के साथ ज्यादा मौज-मस्ती करना भी महिलाओं को नहीं भाता, लेकिन बहुत कम ही होता है जब वो इन बातों को लेकर शिकायत करें।
महिलाएं कई बार पुरुषों की जरूरतों को समझते हुए ऐसा कह देती हैं, लेकिन वाकई वो ऐसा बिल्कुल नहीं चाहतीं। महिलाएं बहुत सारी भावनाओं को चेहरे पर नहीं लातीं, लेकिन इसे समझना पुरुषों के लिए बहुत बड़ा टास्क होता है। इतना ही नहीं, पुरुषों का घर देर से आना, दोस्तों के साथ ज्यादा मौज-मस्ती करना भी महिलाओं को नहीं भाता, लेकिन बहुत कम ही होता है जब वो इन बातों को लेकर शिकायत करें।
8. ''तुम्हारे लिए कुछ भी बदल सकती हूं'
पुरुषों के अहम को ठेस ना पहुंचे, इसके लिए महिलाएं अक्सर इस झूठ का सहारा लेती हैं। वैसे तो महिलाओं को बिल्कुल भी पसंद नहीं कि उनके पार्टनर की शर्ट पर सॉस के निशान हो, वो ब्रश करने के बाद टूथब्रश कहीं भी फेंक दें, गीले तौलिये को बिस्तर पर रख दें और गंदे मोजे कहीं भी उतार दें।
9. 'मैं ठीक हूं'
महिलाओं से हमेशा ‘कैसे हो’ सवाल का जवाब ‘ठीक हूं’ में ही मिलेगा, लेकिन ज्यादातर मामलों में वो ठीक ना होते हुए भी इस सवाल के जवाब में झूठ बोल ही देती हैं और उम्मीद करती हैं कि सामने वाला पुरुष उनकी बातों, परेशानियों और उनकी भावनाओं को बिना कुछ बताए ही बड़ी आसानी से समझ जाएगा। ऐसा ज्यादातर होता नहीं है।
2. 'बिल मैं दे देती हूं'
काफी पुराना चलन है अगर महिला और पुरुष कहीं बाहर घूमने-फिरने गए हैं, तो बिल चुकाने की जिम्मेदारी पुरुषों की ही होती है और ज्यादातर होती भी यही है। लेकिन फिर भी कई बार महिलाएं फॉर्मेलिटी के लिए एक बार तो बिल चुकाने के लिए ज़रूर कहती हैं, लेकिन वो ऐसा चाहती बिल्कुल भी नहीं हैं।
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