उज्जैन। हर कोई यही चाहता है कि धन की देवी लक्ष्मी का आशीर्वाद उस पर बना रहे। इसके लिए वह पूरे विधि-विधान से भगवान को मनाने में जुटा रहता है, तो कभी दान-धर्म कर पुण्य कमाता है मगर कम ही लोग ये जानते हैं कि मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए पूजन स्थान पर उचित रोशनी का होना भी बहुत जरूरी है। ये भी वास्तु का एक नियम है, जिससे माता लक्ष्मी शीघ्र ही अपने भक्तों पर प्रसन्न हो जाती हैं।
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1- वास्तु के अनुसार घर में पूजन स्थान बहुत ही महत्वपूर्ण होता है क्योंकि घर की सुख-समृद्धि और धन के आवागमन पर इसका सीधा असर पड़ता है। वास्तु के अनुसार पूजा घर ईशान कोण(northeast) में ही बनाया जाना चाहिए क्योंकि यही स्थान देवताओं के लिए निश्चित किया गया है।
पूजा घर में पीले रंग के बल्व का उपयोग करना शुभ होता है तथा शेष कक्ष में दूधिया बल्व का इस्तेमाल करना चाहिए। ऐसा करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है और व्यवसाय में तरक्की होती है।
1- वास्तु के अनुसार घर में पूजन स्थान बहुत ही महत्वपूर्ण होता है क्योंकि घर की सुख-समृद्धि और धन के आवागमन पर इसका सीधा असर पड़ता है। वास्तु के अनुसार पूजा घर ईशान कोण(northeast) में ही बनाया जाना चाहिए क्योंकि यही स्थान देवताओं के लिए निश्चित किया गया है।
पूजा घर में पीले रंग के बल्व का उपयोग करना शुभ होता है तथा शेष कक्ष में दूधिया बल्व का इस्तेमाल करना चाहिए। ऐसा करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है और व्यवसाय में तरक्की होती है।
2- वास्तु के अनुसार शाम के समय पूजन स्थान पर इष्ट देव के सामने प्रकाश का उचित प्रबंध होना चाहिए, इसके लिए घी का दीया जलाना अत्यंत उत्तम है। शास्त्रों के अनुसार इस समय घर में धन की देवी लक्ष्मी का प्रवेश होता है।
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यदि इस समय घर में अंधेरा होता है तो माता लक्ष्मी अपना मार्ग बदल लेती हैं और बाहर की नकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश कर जाती है। ऐसी अशुभ ऊर्जा को रोकने तथा घर में लक्ष्मी के वास के लिए गोधूलि बेला के समय घर में तथा पूजा स्थान पर उत्तम रोशनी होनी चाहिए।
1- वायुपुराण के अनुसार जो भी व्यक्ति बिना स्नान किए तुलसी के पत्ते तोड़ कर उनके द्वारा देवताओं की पूजा करते हैं। देवता उसकी पूजा स्वीकार नहीं करते और धन की देवी मां लक्ष्मी भी उससे रूठ जाती हंै। इसलिए स्नान करने के बाद ही तुलसी के पत्ते पूजन या अन्य किसी कार्य के लिए तोडऩे चाहिए।
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2- गुरु के प्रति अनादर का भाव रखने वाले और गुरु की पत्नी पर बुरी नजर रखने वाले व्यक्ति से महालक्ष्मी अति क्रोधित होती हैं और पुराना धन भी समाप्त कर देती हैं।
3- महालक्ष्मी उन्हें तुरंत त्याग देती हैं, जो अस्वच्छ अवस्था में देवताओं का पूजन करता है। अस्वच्छ अवस्था का अर्थ है बिना दातुन किए, बिना नहाए या अस्वच्छ वस्त्र पहने हुए। साथ ही पूजन करते समय मन की अवस्था भी स्वच्छ होनी चाहिए यानी मन में किसी प्रकार का विकार नहीं होना चाहिए।
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4- जो स्त्रियां बुरे स्वभाव वाली हैं व बड़ों का अनादर करती हैं। दूसरे पुरुषों में मन लगाती हैं, अधार्मिक कार्य करती हैं। उनसे मां लक्ष्मी कभी प्रसन्न नहीं होतीं।
5- यदि कोई व्यक्ति आलसी है और वह धर्म में विश्वास नहीं करता। वह लक्ष्मी की कैसी भी पूजा करे तो भी वह हमेशा धन के अभाव में ही रहता है।
6- जो व्यक्ति घर के सदस्यों में अकारण भेदभाव करता हो, उससे भी मां लक्ष्मी रूठ जाती हैं।
7- देवताओं की पूजा करते समय किसी पर क्रोध नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से मां लक्ष्मी रुष्ठ हो जाती हैं और देवता भी ऐसा पूजन स्वीकार नहीं करते। इसलिए शुद्ध मन से पूजन करने से ही देवी लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है।
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8- जो व्यक्ति भगवान पर बासी फूल अर्पित करता हो, उससे मां लक्ष्मी दूर रहती हैं।
8- जो व्यक्ति भगवान पर बासी फूल अर्पित करता हो, उससे मां लक्ष्मी दूर रहती हैं।
9- देवताओं की पूजा करते समय शुद्ध घी का दीपक अपनी बांई ओर तथा तेल का दीपक अपनी दाहिनी ओर रखना चाहिए। ऐसा करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और भक्त पर कृपा बनाए रखती हैं।
10- जो व्यक्ति शास्त्रों द्वारा वर्जित दिनों में या सायंकाल में स्त्री के साथ सहवास करता है, दिन में सोता है, उसके घर लक्ष्मी नहीं जातीं।
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11- देवताओं के लिए घी का दीपक जलाने के लिए रूई की सफेद बत्ती और सरसों के तेल का दीपक जलाने के लिए लाल बत्ती का उपयोग करना चाहिए। जो भी इन बातों का ध्यान रखता है, उस पर मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है।
11- देवताओं के लिए घी का दीपक जलाने के लिए रूई की सफेद बत्ती और सरसों के तेल का दीपक जलाने के लिए लाल बत्ती का उपयोग करना चाहिए। जो भी इन बातों का ध्यान रखता है, उस पर मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है।
12- कपटी, चोर, बुरे चरित्र वाले व्यक्तियों के घर भी मां लक्ष्मी निवास नहीं करतीं।
13- धर्म ग्रंथों के अनुसार पूजन में जलाए गए दीपक को कभी भी स्वयं नहीं बुझाना चाहिए। इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि देवता के सामने जलाया गया दीपक दक्षिण दिशा की ओर न रखा गया हो। मां लक्ष्मी ऐसा करने वाले व्यक्ति का घर त्याग देती हैं।
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