खेल डेस्क. भारत त्रिकोणीय सीरीज का आखिरी मुकाबला भी इंग्लैंड के हाथों हार गया और सीरीज से बाहर हो गया। दोनों ही टीमों के लिए यह मुकाबला करो या मरो जैसा था। इसमें इंग्लैंड ने बाजी मार ली। भारतीय खिलाड़ियों के बुरे प्रदर्शन का दौर आखिरी लीग मैच में भी जारी रहा। बस, राहत देने वाली बात यह थी कि सीरीज में पहली बार भारतीय ओपनिंग जोड़ी चली और 83 रनों की साझेदारी की।
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धवन ने 33 दिन बाद पहली बाउंड्री लगाई। इससे पहले उन्होंने बॉक्सिंग डे टेस्ट की पहली पारी में बाउंड्री लगाई थी और दूसरी पारी में शून्य पर आउट हो गए थे। इसके बाद सिडनी टेस्ट में उन्हे अंतिम एकादश में शामिल नहीं किया गया। त्रिकोणीय सीरीज के पहले, दूसरे और तीसरे मुकाबले में उन्होंने क्रमश: 2, 1 और 8 रन बनाए थे।
रवि शास्त्री और श्रीकांत को छोड़ा पीछे
यह साझेदारी इसलिए भी खास रही, क्योंकि पर्थ में यह ओपनिंग साझेदारी (83 रन) एक भारतीय रिकॉर्ड बन गई। पर्थ में इससे पहले यह रिकॉर्ड रवि शास्त्री और के श्रीकांत के नाम था। इन दोनों ने 22 फरवरी, 1992 को इंग्लैंड के खिलाफ ही 63 रनों की साझेदारी की थी।
सीरीज में पहली बार 50 से अधिक की साझेदारी
इस त्रिकोणीय सीरीज में पहली बार ऐसा हुआ जब भारतीय ओपनिंग जोड़ी ने 50 रनों से अधिक की साझेदारी की। ऑस्टेलिया के खिलाफ पहले मुकाबले में पहले विकेट के लिए 3 रनों की साझेदारी हुई थी, दूसरे मुकाबले में इंग्लैंड के खिलाफ 1 रन की साझेदारी हुई थी, जबकि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे मुकाबले में 24 रनों की साझेदारी हुई थी।
वर्ल्ड कप के बाद इन सीरीजों में नहीं खुला भारत का खाता
* 2011 में इंग्लैंड टूर
* 2013 में साउथ अफ्रीका टूर
* 2013-14 में न्यूजीलैंड टूर
* 2014-15 में ऑस्ट्रेलिया टूर
* 2011 में इंग्लैंड टूर
* 2013 में साउथ अफ्रीका टूर
* 2013-14 में न्यूजीलैंड टूर
* 2014-15 में ऑस्ट्रेलिया टूर
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