Friday, January 9, 2015

Good News: एक बार 70 हजार रुपए लगाओ, 25 साल तक मुफ्त बिजली पाओ

Good News: एक बार 70 हजार रुपए लगाओ, 25 साल तक मुफ्त बिजली पाओरायपुर. यदि आप हर महीने आने वाले भारी-भरकम बिजली के बिल से तंग आ चुके हैं, तो सोलर पैनल आपके लिए सबसे बेहतर विकल्‍प है। एक बार में ही 70 हजार रुपए निवेश कर 25 साल तक मुफ्त बिजली हासिल कर सकते हैं। इतना ही नहीं अतिरिक्‍त बिजली को पावर ग्रिड को बेचकर आप अतिरिक्‍त आय भी हासिल कर सकते हैं। केंद्र सरकार का न्‍यू एंड रिन्‍यूएबल एनर्जी मंत्रालय रूफ टॉप सोलर प्‍लांट पर 30 फीसदी सब्सिडी देती है। वहीं छत्‍तीसगढ़ जैसे राज्‍य अतिरिक्‍त फीसदी सब्सिडी दे रहे है। छत्‍तीसगढ़ सोलर पैनल पर 40 फीसदी सब्सिडी दे रहा है। ऐसे में एक लाख रुपए में लगने वाला एक किलोवॉट का सोलर प्लांट मात्र 60 से 70 हजार रुपए में किसी के भी घर पर लग जाएगा।
 
कहां से खरीदें सोलर पैनल
 
सोलर पैनल खरीदने के लिए आप राज्य सरकार की रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट अथॉरिटी से संपर्क कर सकते हैं। इसके लिए राज्यों के मेन शहरों में कार्यालय बनाए गए हैं। इसके अलावा, हर शहर में प्राइवेट डीलर्स के पास भी सोलर पैनल उपलब्ध हैं। इसके लिए आपको पहले ही अथॉरिटी से अपने लोन राशि के लिए संपर्क करना होगा। साथ ही सब्सिडी के लिए भी अथॉरिटी कार्यालय से फॉर्म मिल जाएगा।
 
25 साल होती है सोलर पैनलों की उम्र
 
छत्‍तीसगढ़ के अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण(क्रेडा) के सीईओ एसके शुक्‍ला के अनुसार सोलर पैनलों की उम्र 25 साल की होती है। यह बिजली आपको सौर ऊर्जा से मिलेगी। इसका पैनल भी आपकी छत पर लगेगा। क्रेडा ने केंद्र सरकार की मदद से प्रदेश में सोलर पावर प्लांट लगाने का यह अभियान शुरु किया है। इसके तहत प्रत्येक प्लांट लगाने पर 40 फीसदी की सब्सिडी भी मिलेगी। यह प्लांट एक किलोवाट से पांच सौ किलोवाट क्षमता तक होंगे। यह बिजली न केवल निशुल्क होगी, बल्कि प्रदूषण मुक्त भी होगी।
 
पांच सौ वाट तक के सोलर पैनल मिलेंगे

पर्यावरण बचाने के लिए यह पहल शुरु की गई है। क्रेडा के मुताबिक लोगों की जरूरत को देखते हुए पांच सौ वाट तक की क्षमता के सोलर पावर पैनल उपलब्ध कराए जा सकते हैं। इसके तहत पांच सौ वाट के ऐसे प्रत्येक पैनल पर 50 हजार रुपए तक खर्च आएगा।  
10 साल में बदलनी होगी बैटरी

क्रेडा के सीईओ एसके शुक्ला ने बताया कि  सोलर पैनल में मेटनेंस का खर्च नहीं आता, लेकिन हर 10 साल में एक बार बैटरी बदलनी होती है। खर्च करीब 20 हजार रु. होता है। इस सोलर पैनल को एक स्थान से दूसरे स्थान पर मूव किया जा सकता है। 
 
एयर कंडीशनर भी चलेगा 

एक किलोवाट क्षमता के सोलर पैनल में आमतौर पर एक घर की जरूरत की पूरी बिजली मिल जाती है। अगर एक एयर कंडीशनर चलाना है तो दो किलोवाट और दो एयर कंडीशनर चलाना है तो तीन किलोवाट क्षमता के सोलर पैनल की जरूरत होगी।बैंक से मिलेगा होम लोन 

सोलर पावर प्लांट लगाने के लिए यदि एकमुश्त 60 हजार रुपए नहीं है, तो आप किसी भी  बैंक से होम लोन ले सकते हैं। बता दें कि वित्त मंत्रालय ने सभी बैंकों को होम लोन देने को कहा है। यह लोन क्रेडा के जरिए आसानी से मिल सकेगा। अब तक बैंक सोलर प्लांट के लिए लोन नहीं देते थे।
 
अतिरिक्त बिजली पावर ग्रिड से जोड़कर बेच सकेंगे
 
राजस्‍थान, पंजाब, मध्‍य प्रदेश और छत्‍तीसगढ़ में सोलर एनर्जी को बेचने की सुविधा दी जा रही है। इसके तहत सौर ऊर्जा संयंत्र द्वारा उत्‍पादित की गई अतिरिक्‍त बिजली पावर ग्रिड से जोड़कर राज्‍य सरकार को बेचा जा सकेगा। वहीं, उत्‍तर प्रदेश ने सोलर पावर का प्रयोग करने के लिए प्रोत्‍साहन स्‍कीम शुरू की है। इसके तहत सोलर पैनल के इस्‍तेमाल पर बिजली बिल में छूट मिलेगी।Good News: एक बार 70 हजार रुपए लगाओ, 25 साल तक मुफ्त बिजली पाओ
Good News: एक बार 70 हजार रुपए लगाओ, 25 साल तक मुफ्त बिजली पाओकैसे कमाएं पैसे
 
घर की छत पर सोलर प्लांट लगाकर बिजली बनाई जा सकती है। इसके बाद लोकल बिजली कंपनियों से टाइअप करके बिजली बेच सकते हैं। इसके लिए लोकल बिजली कंपनियों से आपको लाइसेंस भी लेना होगा। फिर बिजली कंपनियों के साथ पावर परचेज एग्रीमेंट करना होगा। सोलर प्लांट लगाने के लिए प्रति किलोवाट टोटल इन्वेस्टमेंट 60-80 हजार रुपए होगा। राज्य सरकारें इसके लिए स्पेशल ऑफर भी दे रही हैं। इसके बाद प्लांट लगाकर बिजली बेचने पर आपको प्रति यूनिट 7.75 रुपए की दर से पैसा मिलेगा।
Good News: एक बार 70 हजार रुपए लगाओ, 25 साल तक मुफ्त बिजली पाओये राज्‍य दे रहें बिजली बेचने का मौका
 
बड़े सोलर प्‍लांटों के साथ घरों की छतों पर छोटे-छोटे सोलर प्‍लांटों को प्रोत्‍साहित करने के लिए कई राज्‍य सहूलियत दे रहे हैं। चंडीगढ़ प्रशासन ने स्‍पेशल ऑफर पेश किए हैं। चंडीगढ़ सरकार ने घरों से सोलर फोटोवोल्टिक पावर प्लांट से बिजली ग्रिड को बेचने की स्‍कीम शुरू की है। इसके लिए सरकार की ओर से प्रति यूनिट 7.75 रुपए की दर निर्धारित की गई है। घर से सोलर प्लांट से बनने वाली बिजली की ट्रेडिंग ज्यादा से ज्यादा 500 किलोवॉट तक ही की जा सकती है।
 
वहीं, राजस्थान ने भी सोलर पैनल लगा कर बनी सरप्लस सौर ऊर्जा सरकारी बिजली कंपनी को बेचने का अनुमति प्रदान की है। हालांकि इसके लिए जल्द ही दरें तय की जाएंगी। इस संबंध में पिछले दिनों नियामक आयोग में दायर याचिका पर नियामक आयोग ने विचार कर दरें तय कर दी हैं। सरकार यह बिजली साढ़े सात रुपये प्रति यूनिट में खरीदेगी। सरकार को बिजली बेचने के लिए संबंधित व्यक्ति को 31 मार्च 2015 तक सरकार के साथ पावर पर्चेज एग्रीमेंट करना होगा।
 
मध्‍य प्रदेश ने बिजली बेचने के लिए घरेलू उत्‍पादकों को लाइसेंस देगी। बिजली बेचने के लिए लाइसेंस हासिल करना जरूरी होगा। जबलपुर समेत प्रदेश के चार बड़े शहरों में इस योजना को लागू किया है। इमारतों पर सोलर प्लांट लगाकर बिजली का उत्पादन होगा। संस्थान जरूरत की बिजली उपयोग करेगा और एक्स्ट्रा बिजली सेल कर दी जाएगी।
 
देश में थर्मल पावर के प्रमुख केंद्र छत्‍तीसगढ़ ने भी ग्रीन एनर्जी की ओर गंभीर प्रयास शुरू कर दिए हैं। राज्‍य सरकार ने इसके लिए एनर्जी कंजर्वेशन बिल्डिंग कोड लागू किया है। इसमें 100 किलोवॉट से अधिक बिजली उपयोग करने वाली 5000 वर्ग फीट से बड़ी सभी व्‍यवसायिक इमारतों पर सोलर फोटोवोल्‍टिक संयंत्र स्‍थापित करना जरूरी कर दिया है। 

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