Monday, January 5, 2015

यूपी के इंस्पेक्टर का कॉलर पकड़ ले गए पटना एसपी, साथी कॉन्स्टेबल भागे

पटना. राजधानी में रविवार को पुलिस का दिलचस्प ऑपरेशन हुआ। सिटी एसपी (सेंट्रल) शिवदीप लांडे ने यूपी क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर सर्वचंद्र को घूस मांगने के आरोप में पकड़ लिया। यूपी के मुरादाबाद से इंस्पेक्टर जांच करने पटना आया था। उसने बुद्ध मार्ग पर सिम बेचने वाले पंकज से 15 हजार रुपए घूस मांगी। सौदा 5 हजार में तय हुआ। पंकज ने इसकी सूचना सिटी एसपी को दी। कहा कि यूपी पुलिस मुझे अपराधियों और आतंकियों को सिम बेचने के नाम पर 2012 से परेशान कर रही है। सर्वचंद्र ने पंकज से कहा था कि वह शनिवार रात 9 बजे पैसों के साथ डाकबंगला चौराहे पर पहुंचे।
लाल टी-शर्ट में सिटी एसपी शिवदीप लांडे, जिन्होंने घूस लेने के आरोपी इंस्पेक्टर (बीच में) को पकड़ा।
पंकज नहीं गया तो इंस्पेक्टर ने राजस्थान होटल के किसी वेटर के मोबाइल से फोन किया। पंकज ने रविवार सुबह का समय दिया। लांडे वेश बदलकर सुबह डाकबंगला चौराहे पर पहुंच गए और उसे पकड़ लिया। सर्वचंद्र को कोतवाली थाने लाकर दो घंटे तक पूछताछ की। सर्वचंद्र के ठहरने की व्यवस्था भी इसी थाने ने की थी। लांडे ने मुरादाबाद के एसएसपी लव कुमार से भी बात की। मामले में केस दर्ज नहीं हुआ है। केवल स्टेशन डायरी हुई और सर्वचंद्र को छोड़ दिया गया। इधर पटना एसएसपी जितेंद्र राणा ने इंस्पेक्टर का कॉलर पकड़ने पर लांडे से स्पष्टीकरण मांगा। लांडे ने मामले की रिपोर्ट एसएसपी को सौंप दी है।
 
कॉलर खींचकर ले गए लांडे, साथ आए 4 कॉन्स्टेबल भागे
 
तय हुआ था कि पंकज शनिवार रात 9 बजे सर्वचंद्र को पैसे देगा, लेकिन पंकज ने इंस्पेक्टर को रविवार सुबह डाकबंगला चौराहे पर बुलाया। रात में पुलिस को सूचना दे दी।

शिवदीप लांडे नीली जींस और लाल टी-शर्ट में सुबह 6 बजे ही पहुंच गए। सर्वचंद्र सुबह 7 बजे पहुंचा। उसकी नजर सीसीटीवी पर पड़ी तो भागने की कोशिश की। 
 
सर्वचंद्र भाग पाता इससे पहले ही लांडे ने उसे पकड़ लिया। कॉलर खींचकर थाने ले गए। सर्वचंद्र के साथ चार पुलिस वाले भी आए थे, लेकिन यह सब देख चारों भाग निकले। 
 
थाने में दो घंटे पूछताछ की, फिर छोड़ा
 
मामले में केस दर्ज नहीं हुआ। उधर, मुरादाबाद एसएसपी ने आरोप लगाया कि जांच करने गई टीम से बदसलूकी की गई। 
 
महाराष्ट्र में हुआ जन्म 
 
34 साल के शिवदीप वामन लांडे विदर्भ के अकोला जिले में पैदा हुए हैं। बिहार के अन्य क्षेत्रों में उनकी दबंगई के किस्से सुनने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उन्हें राजधानी पटना का एसपी बनाया था। इसके बाद उन्हें परिवहन एवं अपराध शाखा का अतिरिक्त भार भी सौंपा गया था। 
 
शराबियों से लड़की को बचाकर बने थे हीरो  
एक बार शहर के बीचोंबीच 3 शराबियों ने एक युवती के साथ छेड़खानी और जबर्दस्ती करना शुरू किया। मुसीबत में फंसी लड़की ने मोबाइल पर शिवदीप से संपर्क किया। हिंदी फिल्मों की तरह मिनटों में वह घटनास्थल पहुंच गए। लड़की को बचा लिया गया, पर बदमाश भाग निकले। शिवदीप की टीम ने हफ्ते भर में उन्हें भी ढूंढ निकाला। तब से ही वह प्रसिद्ध हो गए। शादी होने के पहले तक शिवदीप को सैकड़ों लड़कियों के फोन और मैसेज आते थे, जिसमें लड़कियां उन्हें शादी के लिए प्रपोज़ करती थीं।  
 
तबादले के विरोध में शिवदीप के समर्थक उतर आए थे सड़कों पर 
 
बिहार के पुलिस महानिदेशक ने शिवदीप का तबादला पुलिस हेड क्वॉर्टर में कर दिया था। यह खबर सुनकर पटना में तहलका मच गया। लोग उनके तबादले का विरोध करने के लिए सड़कों पर उतर आए थे। 
 
किसान परिवार में हुआ था जन्म 
 
किसान परिवार में जन्में शिवदीप ने बड़ी प्रतिकूल स्थिति में शिक्षा पूरी की है। 2006 में आईपीएस में चयन के बाद उन्हें बिहार कैडर मिला। वहां के नक्सलग्रस्त क्षेत्र में उनकी ट्रेनिंग हुई। 
पकडे गए पुलिस अधिकारी को कॉलर खींचकर ले गए लांडे
ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर इस तरह कार्रवाई करते हैं शिवदीपखेल के प्रति भी शिवदीप का लगाव रहा है, वे अपने शहर अकोला में कई खेल प्रतियोगिताएं आयोजित करवाते हैंपटना में रहकर शिवदीप ने कई अवैध कारोबारों का भांडाफोड़ किया थायुवाओं के बीच शिवदीप का जबरदस्त क्रेज़ हैशिवदीप की एक और पहचान है और वह है उनका स्टाइलिश चश्मा, इस चश्मे को पहने वे अक्सर दिखाई देते हैं

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