15 जनवरी को आर्मी डे है। इस मौके पर dairyphone आपको तस्वीरों के जरिए बताने जा रहा है कैसे तैयार होते हैं भारतीय जवानों की ट्रेनिंग। मध्यप्रदेश के महू में भारतीय आर्मी सेना का ट्रेनिंग कैंप है। महू में भारतीय थलसेना के कई इकाइयां है। यहां पर इन्फैंन्ट्री स्कूल, सेना का संचार प्रौद्योगिकी महाविद्यालय (MCTE) और थलसेना का युद्ध महाविद्यालय स्थित हैं।
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होती है कठिन ट्रेनिंग
आर्मी ज्वाइन करने के बाद जवानों को कठिन ट्रेनिंग से गुजरना पड़ता है। आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने लिए सैनिको को सरहद पर सुरक्षा के साथ-साथ बसों, वीआईपी सुरक्षा, मेट्रो में लोगों को आतंकवादियों से छुड़ाने की ट्रेनिंग दी जाती है।
आर्मी ज्वाइन करने के बाद जवानों को कठिन ट्रेनिंग से गुजरना पड़ता है। आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने लिए सैनिको को सरहद पर सुरक्षा के साथ-साथ बसों, वीआईपी सुरक्षा, मेट्रो में लोगों को आतंकवादियों से छुड़ाने की ट्रेनिंग दी जाती है।
जिसके लिए इन्हें हेलिकॉप्टर की गड़गड़ाहट के बीच जंप करना, आतंकियों पर फायर करना, कुत्तों का प्रयोग करना, मुश्किल वक्त में आतंकी पर नजर रखने के कैमरे का इस्तेमाल, 8 हजार फुट की ऊंचाई से पैराशूट और पैरामोटर से उतरकर आतंकियों का सामना करने की कला सिखाई जाती है। साथ ही ट्रेनिंग के दौरान जवानों को मुश्किल हालात में अपने को सुरक्षित रखते हुए आग की लपटों में से गुजरना भी सिखाया जाता है।
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