Wednesday, December 17, 2014

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पीर पंजाल रेलवे टनल - फाइल फोटो

श्रीनगर. जम्मू और कश्मीर विधानसभा चुनाव का 20 दिसंबर को आखिरी चरण है। अब तक के चरणों में यहां रिकॉर्ड तोड़ मतदान हुआ है। राजनीतिक जानकारों के अनुसार इस बार बड़े उलटफेर की आशंका है। कश्मीर के विकास के लिए सभी पार्टियों ने बड़े-बड़े दावे किये हैं। आतंकवादी गतिविधि और अलगाववादी आंदोलनों के कारण केंद्र सरकार से लेकर राज्य सरकार तक सभी की परियोजनाएं लंबित हैं। कुछ ही परियोजनाएं ऐसी हैं जो कश्मीर की जनता के लिए साकार हो सकी। आज से हम जम्मू-कश्मीर की परियोजनाओं पर सीरीज शुरू कर रहे हैं। जिसके तहत आज हम आपको भारत की सबसे बड़ी और एशिया की तीसरी सबसे बड़ी सुरंग पीर पंजाल सुरंग के बारे में बताने जा रहे हैं।
जम्मू और कश्मीर के पीर पंजाल पर्वत श्रृंखला पर यह सुरंग स्थित है। इसका निर्माण पर्वतों को काट कर किया गया है। इसे बनिहाल रेलवे टनल भी कहा जाता है। इसकी लम्बाई 11.215 km (7 मील) है। जम्मू-कश्मीर के पीर पंजाल क्षेत्र में ये सुरंग कश्मीर घाटी को जम्मू डिविजन के बनिहाल कस्बे से जोड़ती है।
 
आपात स्थिति के लिए भी है सुरंग 
 
इसका निर्माण हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी (एचसीसी) ने किया है। टनल में दोनों किनारों में दो जुड़ी हुई छोटी सुरंगें भी हैं जिनका इस्तेमाल आपात स्थिति में किया जाएगा। टनल में रेल यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए अत्यधिक संवेदनशील फायर अलार्म और अन्य उपकरण लगाए गए हैं। बनिहाल रेलवे स्टेशन पर एक नियंत्रण कक्ष भी बनाया गया है जो पीर-पंजाल क्षेत्र में बनी इस सुरंग में होने वाली सभी गतिविधियों पर नजर रखेगा। इंजीनियरों ने इस सुरंग में रेलवे ट्रैक के साथ छह मीटर चौड़ी सड़क भी बनाई है।
 
कुछ ख़ास बातें 
 
11कि मी है टनल की लंबाई
200 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं
7 साल लगे हैं निर्माण में
25 फोन बूथ लगाए गए हैं
1300 करोड़ रुपए की आई लागत

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